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Tuesday, November 12, 2019

America is trying to use public protests in its own interest: Hasan Nasrullah

America is trying to use public protests in its own interest: Hasan Nasrullah
अमरीका जन प्रदर्शन को अपने हित में इस्तेमाल करने की कोशिश में हैः हसन नसरुल्लाह

13-Nov-2019
Friday World
सज्जाद अली नयानी
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के प्रमुख सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा है कि इस अरब देश में जारी जनप्रदर्शन का अमरीका अपने एजेन्डे को आगे बढ़ाने के लिए दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि वॉशिंग्टन ने लेबनान को अपने पैर पर खड़े होने से रोक रखा है।सय्यद हसन नसरुल्लाह ने सोमवार की शाम को राजधानी बैरूत से टीवी से लाइव प्रसारित अपने भाषण में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अमरीकी प्रदर्शनों से फ़ायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमरीका लेबनान की सामाजिक सच्चाई को जिसमें निर्धनता और बेरोज़गारी शामिल है, नज़रअंदाज़ कर रहा है और वह सिर्फ़ प्रदर्शन के जारी रहने पर ध्यान केन्द्रित किए हुए है।
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हिज़्बुल्लाह प्रमुख ने कहा कि देश में प्रदर्शन से लेबनानी जनता भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में पहले से ज़्यादा एकजुट हुयी है। उन्होंने कहाः "लेबनान में जारी प्रदर्शन ने किसी भी राजनैतिक धड़े को भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को बचाने से रोक दिया है।"सय्यद हसन नसरुल्लाह ने बल दिया कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने लेबनानी राष्ट्र से अपील की कि उसे न्याय पालिका के साथ सहयोग के ज़रिए भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में भाग लेना चाहिए।हिज़्बुल्लाह के नेता ने बल दिया कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान की सफलता के लिए ईमानदार व निष्पक्ष न्याय पालिका और लोगों के चुराए गए पैसों को वापस दिलाने वाले तंत्र की ज़रूरत है। उन्होंने कहाः अदालत हिज़्बुल्लाह के सदस्यों के ख़िलाफ़ जांच करे और मैं पार्टी के मंत्रियों और सांसदों से विशेष दंड मुक्ति के प्रावधान को उठाने का वचन देता हूं।उन्होंने लेबनान के उत्पादन क्षेत्र में उत्पादकता के अभाव व अक्षमता का उल्लेख किया और बताया कि अमरीका लेबनान में सीधे पूंजि निवेश और चीनी कंपनियों के सुचारु रूप से काम करने के मार्ग में रुकावट खड़ी कर रहा है।
सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि सीरिया के पुनर्निर्माण में भाग लेने वालों को दंडित करने व पाबंदी लगाने की अमरीकी धमकियों ने लेबनानी कंपनियों को इस प्रक्रिया में भाग लेने से रोक दिया है। उन्होंने बताया कि किस तरह अमरीका ने लेबनान और इराक़ के बीच आर्थिक रुट को बाधित कर लेबनानी अर्थव्यवस्था के विकास में बाधा पैदा की है। हसन नसरुल्लाह ने कहा कि इराक़ी प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल महदी की बारंबार की अपील के बावजूद, अमरीका ने उस सीमा पास को नहीं खुलने दिया जो सीरिया के पूर्वोत्तरी प्रांत दैरुज़्ज़ूर के बूकमाल क़स्बे को इराक़ के पश्चिमी प्रांत अंबार के क़ाएम ज़िले के हुसैबा शहर को जोड़ता।
लेबनान के प्रतिरोध आंदोलन के प्रमुख ने अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के उस हालिया बयान को ख़ारिज कर दिया जिसमें उन्होंने लेबनान में ईरान के प्रभाव की बात कही थी। उन्होंने कहा कि अमरीकी अधिकारियों की नज़र में प्रतिरोध आंदोलन का समर्थन लेबनान पर ईरान का प्रभाव है।
उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की ओर से जंग थोपने की संभावना को 99.99 फ़ीसद कम बताया और इस्लामी गणतंत्र ईरान के अमरीका और उसके घटकों के दबावों के सामने डटे रहने का उल्लेख किया।
सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि ईरानी बुरे आर्थिक दौर से गुज़रे लेकिन वे अमरीका और उसके घटकों के दबावों के सामने डटे रहे। उन्होंने ईरान के ख़ूज़िस्तान प्रांत में तेल की बड़ी फ़ील्ड की खोज को ईरान की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में बहुत प्रभावी तत्व बताया।
सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प सिर्फ़ तेल और पैसे के चक्कर में हैं। वह हित ख़तरे में पड़ने पर अपने घटकों को भी धोखा देने के लिए तय्यार हैं।
उन्होंने इसी तरह देश में नई सरकार के गठन के लिए लेबनानी दलों और घटकों के बीच जारी विचार विमर्श का उल्लेख किया।
इसी तरह उन्होंने यमन के असांरुल्लाह आंदोलन के नेता अब्दुल मलिक हूसी के उस बयान की सराहना की जिसमें अब्दुल मलिक हूसी ने कहा था कि अगर इस्राईल ने यमन पर हमले की भूल की तो यमनी राष्ट्र तेल अविव शासन को सबक़ सिखाने में तनिक भी संकोच से काम नहीं लेगा।
सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि यमनी फ़ोर्सेज़ बहुत ताक़तवर हो गयी है जिससे पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में प्रतिरोध का मोर्चा मज़बूत हुआ। हालांकि पांच साल से सऊदी अरब की अगुवाई वाले हमले में यमन तबाह हो गया लेकिन यमनी राष्ट्र ने साबित कर दिखाया कि वह किसी भी दबाव के सामने झुकने वाले नहीं हैं।