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Wednesday, November 20, 2019

इराक़ में सुधार के लिए प्रधानमंत्री को 45 दिनों की मोहलत मिली

इराक़ में सुधार के लिए प्रधानमंत्री को 45 दिनों की मोहलत मिली

21-Nov-2019
Friday World
Sajjad Ali Nayani
इराक़ के राजनैतिक दलों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर करके इस देश के प्रधानमंत्री को प्रदर्शनकारियों के दृष्टिगत सुधारों को लागू करने के लिए 45 दिनों का समय दिया है।
इराक़ के राजनैतिक दलों व धड़ों ने अक्तूबर से देश में शुरू होने वाले प्रदर्शनों के जवाब में सरकार की ओर से सुधार की कार्यवाहियां किए जाने के बारे में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इराक़ के बार दलों व धड़ों द्वारा हस्ताक्षरित इस समझौते के अहम बिंदु कुछ इस तरह हैंः स्वतंत्र प्रत्याशियों के चुनाव में भाग लेने के उद्देश्य से समान अवसर उत्पन्न करने के लिए चुनाव क़ानूनों में सुधार, नए चुनाव आयोग का गठन और हर प्रकार की धड़ेबंदी से दूर रहते हुए मंत्री मंडल में व्यापक परिवर्तन। इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वालों ने सरकार और सुरक्षा बलों से मांग की है कि वे प्रदर्शनकारियों का अपहरण करने वालों की पहचान के लिए पूरी कोशिश करें और इसी तरह प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग करने वालों एवं मीडिया को निशाना बनाने वालों को पकड़ कर दंडित करें।
TCS

 इराक़ के इन राजनैतिक दलों ने सरकार व संसद को इन सुधारों को लागू करने के लिए 45 दिन का समय दिया है। इन दलों का कहना है कि अगर सरकार और संसद इन सुधारों को लागू करने में विफल रहती है तो फिर विभिन्न दलों के नेता संसद में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों की मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक और क़ानूनी क़दम उठाने के लिए कटिबद्ध होंगे। इसके अलावा सरकार से समर्थन वापस लेना और मध्यावधि चुनावों का आयोजन भी इराक़ के इन राजनैतिक दलों के विकल्पों में शामिल है। इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले दलों व धड़ों में हादी अलआमेरी का फ़त्ह गठजोड़ और पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अलमालेकी के नेृतृत्व वाला गठजोड़ भी शामिल है।

इराक़ में जन सेवाओं की बुरी स्थिति, बेरोज़गारी और आर्थिक भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अक्तूबर की शुरुआत से आरंभ होने वाले जन प्रदर्शनों में 300 से अधिक लोग मारे गए हैं जबकि हज़ारों अन्य घायल हुए हैं। ये प्रदर्शन राजधानी बग़दाद समेत इराक़ के दस प्रांतों में हुए हैं। यह ऐसी स्थिति में है कि जब सोमवार को चुनावी क़ानून में सुधार का मसौदा सामने आया है जिसे सरकार ने संसद को पेश किया है। राजनैतिक दलों को आशा है कि चुनाव प्रक्रिया में सुधार से जनता की बहुत सी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। (HN)